नाखुशी को भूल,
डगर देखते इतिबार करते बैठा था।
बदला वक़्त जमाने के साथ,
मेरा जख्म ताजा था।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
नाखुशी को भूल,
डगर देखते इतिबार करते बैठा था।
बदला वक़्त जमाने के साथ,
मेरा जख्म ताजा था।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
इत्तिहाम को क़ुबूल अजीम बन गया,
जुस्तजू न हो खुद कुर्बान हो गया।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
#इत्तिहाम=दोष
#अजीम=महान
#जुस्तजू=तलाश
"गुस्तखी करने की हिम्मत वही करता है, जिसे लक्ष्य के साथ-साथ सत्य नजर आता है।"
-अमित चन्द्रवंशी 'सुपा'
"उम्मीद से दुनिया की नींव है मन मे विश्वास रख सदैव सकारात्मक भाव रखे।"
-अमित चन्द्रवंशी 'सुपा'
"निडरता से जो जीत की ओर निर्बाध गति से आगे बढ़ता है जीत का अहसास उनसे बेहतर और कोई बंया नही कर सकते।"
-अमित चन्द्रवंशी 'सुपा' 😊